भगवान् काल भैरव शिव, महारुद्र जी के 10 वे अवतार है और 11 वे रूद्र, हनुमानजी हैं और ये दोनों ही, कलयुग में प्रत्यक्ष तथा साक्षात्कार, संजीव देवता हैं और यह सहज और सरलता से ही प्रसन्न हो जाते हैं। भगवान काल भैरव को कलयुग में बहुत शक्तिशाली देवताओं में से एक देवता के रूप…
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कैसे हो शनि की पीड़ा से बचाव ?
शनि की दशा आने पर जीवन में कई उतार-चढ़ाव आते हैं। शनि प्रायः किसी को क्षति नहीं पहुंचाता लेकिन मतिभ्रम की स्थिति अवश्य पैदा करता है। ऐसी स्थिति में शनि शांति के उपाय रामबाण का कार्य करते हैं। शनि से प्राप्त कष्टों से बचाव की विस्तृत जानकारी के लिए पढ़िए यह आलेख… ज्यातिष शास्त्र में…
शकुन शास्त्र के 12 सूत्र
घर में हर छोटी वस्तु का अपना महत्व होता है। कभी-कभी बेकार समझी जाने वाली वस्तु भी घर में अपनी उपयोगिता सिद्ध कर देती है। गृहस्थी में रोजाना काम में आने वाली चीजों से भी शकुन-अपशकुन जुड़े होते हैं, जो जीवन में कई महत्वपूर्ण मोड़ लाते हैं। शकुन शुभ फल देते हैं, वहीं अपशकुन इंसान…
सर्व विघ्नों का नाश करने वाली ‘महाविद्या तारा’
सर्व विघ्नों का नाश करने वाली ‘महाविद्या तारा’, स्वयं भगवान शिव को अपना स्तन दुग्ध पान कराकर हलाहल की पीड़ा से मुक्त करने वाली। देवी महा-काली ने हयग्रीव नमक दैत्य के वध हेतु नीला वर्ण धारण किया तथा उनका वह उग्र स्वरूप उग्र तारा के नाम से विख्यात हुआ। ये देवी या शक्ति, प्रकाश बिंदु…
क्या होता है मरने के बाद?
दुनिया के हर इंसान के मन में कभी न कभी यह प्रश्र अवश्य उठता है कि आखिर जीवन और मृत्यु का रहस्य क्या है? जब भी मन में मृत्यु का ख्यालआता है या किसी शवयात्रा को गुजरते हुए देखते हैं तो रोमांचित हो जाते हैं।आखिर यह मृत्यु है क्या? क्या होता है मरने के बाद?…
