पूर्व जन्म में क्या था

लोग पूछते है पूर्व जन्म में क्या था अपनी कुंडली से देख कर पता कर सकते है आप खुद और विचार करे। 1- जिस व्यक्ति की कुंडली में चार या इससे अधिक ग्रह उच्च राशि के अथवा स्वराशि के हों तो उस व्यक्ति ने उत्तम योनि भोगकर यहां जन्म लिया है। 2- लग्न में उच्च…

भगवान् काल भैरव शिव, महारुद्र जी के 10 वे अवतार है और 11 वे रूद्र, हनुमानजी हैं

भगवान् काल भैरव शिव, महारुद्र जी के 10 वे अवतार है और 11 वे रूद्र, हनुमानजी हैं और ये दोनों ही, कलयुग में प्रत्यक्ष तथा साक्षात्कार, संजीव देवता हैं और यह सहज और सरलता से ही प्रसन्न हो जाते हैं। भगवान काल भैरव को कलयुग में बहुत शक्तिशाली देवताओं में से एक देवता के रूप…

कैसे हो शनि की पीड़ा से बचाव ?

शनि की दशा आने पर जीवन में कई उतार-चढ़ाव आते हैं। शनि प्रायः किसी को क्षति नहीं पहुंचाता लेकिन मतिभ्रम की स्थिति अवश्य पैदा करता है। ऐसी स्थिति में शनि शांति के उपाय रामबाण का कार्य करते हैं। शनि से प्राप्त कष्टों से बचाव की विस्तृत जानकारी के लिए पढ़िए यह आलेख… ज्यातिष शास्त्र में…

शकुन शास्त्र के 12 सूत्र

घर में हर छोटी वस्तु का अपना महत्व होता है। कभी-कभी बेकार समझी जाने वाली वस्तु भी घर में अपनी उपयोगिता सिद्ध कर देती है। गृहस्थी में रोजाना काम में आने वाली चीजों से भी शकुन-अपशकुन जुड़े होते हैं, जो जीवन में कई महत्वपूर्ण मोड़ लाते हैं। शकुन शुभ फल देते हैं, वहीं अपशकुन इंसान…

क्या होता है मरने के बाद?

दुनिया के हर इंसान के मन में कभी न कभी यह प्रश्र अवश्य उठता है कि आखिर जीवन और मृत्यु का रहस्य क्या है? जब भी मन में मृत्यु का ख्यालआता है या किसी शवयात्रा को गुजरते हुए देखते हैं तो रोमांचित हो जाते हैं।आखिर यह मृत्यु है क्या? क्या होता है मरने के बाद?…