विवाह योग के लिये जो कारक मुख्य है वे इस प्रकार हैं

  सप्तम भाव का स्वामी खराब है या सही है वह अपने भाव में बैठ कर या किसी अन्य स्थान पर बैठ कर अपने भाव को देख रहा है। सप्तम भाव पर किसी अन्य पाप ग्रह की द्रिष्टि नही है। कोई पाप ग्रह सप्तम में बैठा नही है। यदि सप्तम भाव में सम राशि है।…

Profession Best suited

As Astrologer, i usually get students’ parent,  meeting astrologer with natal chart of their  children to know about best suited profession and education for their child. Its a very tricky due to new age profession and education streams. Astrologically we have our set of technique to check Arth trikona, karak Saturn, D10 chart etc. all…

🌹🌼  पंच महापुरुष योग :-         🌹  मालव्य योग  🌹                          

  जब शुक्र जन्म कुंडली में केंद्र स्थान (1 , 4 , 7 , 10 ) में अपनी ही राशि ( वृष या तुला) अथवा अपनी उच्च राशि (मीन) में स्थित हो तो जन्म कुण्डली में मालव्य नामक पंच महा पुरुष नामक योग का निर्माण होता है …!! आइये जानते हैे  7 th House (सप्तम…

जानिए कुंडली में गुरु के 12 भाव मे प्रभाव

जिस जातक के लग्न में बृहस्पति स्थित होता है, वह जातक दिव्य देह से युक्त, आभूषणधारी, बुद्धिमान, लंबे शरीर वाला होता है।. ऐसा व्यक्ति धनवान, प्रतिष्ठावान तथा राजदरबार में मान-सम्मान पाने वाला होता है।. शरीर कांति के समान, गुणवान, गौर वर्ण, सुंदर वाणी से युक्त,सतोगुणी एवं कफ प्रकृति वाला होता है।दीर्घायु, सत्कर्मी, पुत्रवान एवं सुखी…

संक्रांति आ रही है, उसमें दान की महत्ता हैं

  संक्रांति आ रही है, उसमें दान की महत्ता हैं- वृन्द कवि कहते है:-जो धनवन्तु सु देव कुछ, देय कहा धन हीन। कहा निचोरै नग्न जन, न्हान सरोवरकीन।। (अर्थात् जो धनवान है, वह कुछ धन दे सकता है। जो धन हीन है वह कुछ नहीं दे सकता, जैसे यदि कोई नंगा आदमी तालाब में नहाये,…